इंडिया-बजट-2017-2018

बजट 2017 – 2018 :-

बजट : धन के आय और व्यय की सूची को बजट कहते है | बजट किसी देश का भी हो सकता है और किसी संस्था का या पारिवारिक या आर्थिक भी हो सकता है |

परिचय :-

  1. पिछले ढाई वर्षो के दौरान भारतीय प्रशासन, विवेकाधीन और पक्षपात से निकलकर प्रणालीगत और पारदर्शिता की और बढ़ा है |
  2. मुद्रास्फीति को नियंत्रण में लाया गया है |
  3. सीपीआई-आधारित मुद्रास्फीति, जुलाई 2016 में 6% के स्तर से कम होकर दिसम्बर 2016 तक 3.4 प्रतिशत तक आ गई है |
    बजट 2017 – 2018 में भारतीय अर्थव्यवस्था की गति
  4. भारतीय अर्थव्यस्था का उच्च विकास के पथ पर अग्रसर होना | भारतीय चालू खता घाटा पिछले वर्ष सकल घरेलु उत्पाद के 1 प्रतिशत के स्तर से गिरकर 2016-17 के पूर्वार्ध में सकल घरेलु उत्पाद के 0.3 प्रतिशत के स्टार पर आ गया है |20 जनवरी 2017 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार 361 बिलियन अमरीकी डॉलर के स्तर पर पहुँच गया है |
  5. काले धन के विरुद्ध अभियान चलाया गया |
  6. भारत 2017 में सबसे तीव्र गति से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था में से एक है |

वर्ष 2017-2018 में चुनौतियां :-

Contents

1. भारतीय वैश्विक अर्थव्यस्था में पिछले वर्ष की गतिविधियों के दौरान, बड़े आर्थिक और राजनैतिंक घटनाक्रमों के बाद काफी अनिश्चिता का माहौल है |

2. 2017 में, अमरीकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत दरे बढाने की मंशा जाहिर की गयी है, जिसके कारण पूंजी अंतर्वाह कम और बहिर्वाह बढ़ने की सम्भावना है |

3. पण्य वस्तुओ की कीमतों विशेषतया कच्चे तेल की कीमतों की अनिश्चितता से उभरती अर्थ्व्यवास्था की राजकोषीय स्तिथि पर निहितार्थ है |

4. सरंक्षणवाद का दबाव बढ़ने के कारण वस्तुओ, सेवा तथा लोगो के वैश्वीकरण से हटने के संकेत है |

पिछले वर्ष में बदलाव सम्बन्धी सुधार :-

1. वस्तु एव सेवा कर (जीएसटी) के लिए संविधान संशोधन विधेयक पारित और इसके शुरुआत हेतु प्रगति |

2. उच्च मूल्य वर्ग के बैंक नोटों का विमुद्रीकरण |

3. शोधन अक्षमता और दिवालियापन संहिता का अधिनियम, मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए आरबीआई अधिनियम में संशोधन, वित्तीय सब्शिदियो और लाभों के संवितरण के लिए आधार विधेयक का अधिनियम |

4. बजट 2017 – 2018 में 3 मुख्य सुधार किये गये है :-

  • प्रथम, बजट की प्रस्तुति की तिथि 1 फरवरी करना ताकि मंत्रालय वित्त वर्ष के आरम्भ से सभी कार्यकलाप प्रचालन करने में सक्षम हो सके |
  • द्वितीय, रेल बजट का आम बजट में विलय करना ताकि रेलवे को सरकार की राजकोषीय निति के केंद्र बिंदु में लाया जा सके |
  • तृतीय, व्यय के आयोजना और आयोजना – भिन्न वर्गीकरण को समाप्त करना ताकि क्षेत्रो और मंत्रालयों के लिए आवंटनो का सर्वांगीण दृष्टिकोण सुसाध्य हो सके |

विमुद्रीकरण :-

1. कर-वंचना और समान्तर अर्थव्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए साहसिक और निर्णायक उपाय |

2. भ्रष्ट्राचार, काला धन, नकली मुद्रा और आतंकवाद की फंडिंग को समाप्त करने का सरकार का संकल्प |

3. आर्थिक गतिविधियों में कोई कमी आई है, तो यह अस्थायी है |

4. दीर्घावधिक लाभों का सृजन जिनमे कम भ्रष्ट्राचार , अधिक डिजिटलीकरण, वित्तीय बचतों का अधिक प्रवाह और अर्थव्यवस्था का अधिकाधिक औपचारिकरण |

5. पुन:मौद्रिकरण की गति में तेजी आई है और यह शीघ्र ही संतोषजनक स्टार पर पहुँच जाएगी |

6. बैंकिंग प्रणाली में अधिशेष नकदी उधार लागर कम होगी और क्रेडिट पहुंच में वृद्धि होगी |

7. गरीबो के लिए आवास, किसानो को राहत, एमएसएम्ई को क्रेडिट सहायता, डिजिटल लेन-देनो को प्रोत्साहित करना, गर्भवती महिलाओ और वरिष्ठ नागरिको को सहायता, मुद्रा योजना के तहत दलितों, जनजातियो, पिछड़े वर्गों और महिलाओ को प्राथमिकता, हमारी अर्थव्यवस्था के मुख्य सरोकारों के समाधान पर फोकस करते हुए माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 31 दिसम्बर 2017 को घोषणा की गयी |

बजट 2017 – 2018  में रोडमैप और इसकी प्राथमिकताए :-

1. वर्ष 2017-2018 का अजेंडा है : “ट्रांसफार्म, एनर्जाइज एंड क्लीन इण्डिया” टेक इंडिया

2. टेक इंडिया का उद्देश्य कुछ इस प्रकार है :-

  • शासन की गुणवत्ता और हमारी जनता के जीवन स्तर को बदलना |
  • समाज के विभिन्न वर्गों विशेषता : युवको और कमजोर तबको में उर्जा का संचार करना और उन्हें उनकी क्षमता से परिचित कराना; और
  • देश में भ्रष्टाचार, काला धन और अपारदर्शी राजनितिक फंडिंग की बुराइयों को समाप्त करना |

3. इस व्यापक एजेंडे को चलने की दस विशिष्ठ थीम कुछ इस प्रकार है :

  • किसान : 5 वर्षो में आय दुगुना करने के लिए प्रतिबद्ध |
  • ग्रामीण आबादी : रोजगार और बुनियादी अवसंरचना मुहैय्या कराना |
  • युवा : शिक्षा, कौशल और रोजगार के जरिये उर्जा का संचार करना |
  • गरीब तथा विशेष सुविधाओ से वंचित वर्ग : सामजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और किफायती आवास की प्रणाली को मजबूत करना |
  • अवसंरचना : कारगरता, उत्पादकता और जीवन स्तर के लिए |
  • वित्तीय क्षेत्र : मजबूत संस्थाओ के द्वारा विकास और स्थिरता |
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था : गति, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता हेतु |
  • सार्वजनिक सेवा : जनता की भागीदारी के जरिये कारगर शासन और कारगर सेवा सुपुर्दगी |
  • विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन : संसाधनों का इष्टतम नियोजन सुनिश्चित करना और राजकोषीय स्थिरता बनाये रखना, कर – प्रशासन, इमानदारो का आदर करना |

बजट 2017 – 2018 में किसानो के लिए क्या ?

बजट 2017 – 2018 में किसानो के लिए

  1. बजट 2017 – 2018 में, कृषि सम्बन्धी क्रेडिट को 10 लाख करोड़ रूपये के रिकॉर्ड स्तर पर नियत किया गया है |
  2. किसानो को भी 31 दिसम्बर 2016 को की गयी 60 दिन की ब्याज माफ़ी का लाभ मिलेगा |
  3. छोटे किसान को ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए सरकार जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंको की कौर बैंकिंग प्रणाली के साथ सभी 63,000 कार्यरत प्राथमिक कृषि क्रेडिट सोसायटी के कम्पुटरीकरण और समेकन हेतु नाबार्ड को सहायता देगी |
  4. फसल बीमा योजना के तहत व्याप्ति का दायरा 2015-16 में फसल क्षेत्र के 30% से 2017-2018 में बढ़ाकर 40% और 2018-19 में 50% किया जाएगा | इसके लिए 9000 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है |
  5. कृषि विज्ञान केन्द्रों में नई लघु प्रयोगशालाए और मृदा नमूना परीक्षण हेतु देश में सभी 648 कृषि विज्ञान केन्द्रों की 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना |
  6. 5000 करोड़ रूपये की आरंभिक निधि के साथ प्रति बूंद अधिक फसल प्राप्त करने के लिए नाबार्ड में समर्पित सूक्षम सिंचाई निधि की स्थापना |
  7. राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) की व्याप्ति का 250 बाजारों से 585 एपीएमसी तक विस्तार किया जाएगा | प्रत्येक राष्टीय कृषि बाजार को 75 लाख रूपये तक सहायता दी जाएगी |
  8. माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित किये गया अनुसार, नाबार्ड में पहले से ही स्थापित दीर्घावधिक सिंचाई निधि का 40,000 करोड़ रूपये की इस निधि की कुल राशी से 100 प्रतिशत तक अभिवर्धन किया जाएगा |
  9. संविदा फार्मिंग के सम्बन्ध में एक मॉडल कानून तैयार किया जाएगा और इसे अपनाने हेतु राज्यों को परिचालित किया जाएगा |
  10. 2000 करोड़ रूपये की राशी के साथ नाबार्ड में डेयरी प्रसंस्करण एवं अवसरंचना विकास निधि की स्थापना की जाएगी और यह राशी 3 वर्षो में बढ़ाकर 6000 करोड़ रूपये की जाएगी |

केंद्रीय बजट 2017 – 2018 में ग्रामीण आबादी के लोगो के लिए क्या कहा सरकार ने ?

केंद्रीय बजट 2017 – 2018 में ग्रामीण आबादी के लोगो के लिए

  1. केंद्रीय बजट, राज्य के बजटो, स्व-सहायता समूहों आदि के लिए बैंक लिंकेज से ग्रामीण गरीबो के लिए ग्रामीण गरीबो के लिए ग्रामीण क्षेत्रो में प्रत्येक वर्ष 3 लाख करोड़ रूपये से अधिक की राशी व्यय की जाएगी |
  2. वर्ष 2019, गाँधी जी की 150वीं जयंती तक एक करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर लाना तथा 50,000 ग्राम पंचायतो को गरीबी से मुक्ति दिलाना |
  3. मनरेगा के अंतर्गत कृषि से जुड़े 5 लाख के लक्ष्य की तुलना में, मार्च, 2017 तक खेती से जुड़े 10 लाख तालाबो का कार्य पूरा कर लिया जाएगा | वर्ष 2017-2018 के दौरान, खेती से जुड़े और 5 लाख तालाबो का कार्य शुरू किया जाएगी |
  4. मनरेगा  में महिलाओ की भागीदारी 48 प्रतिशत से कम से कम बढ़कर 55 प्रतिशत हो गई है |
  5. बजट 2017 – 2018 में, मनरेगा के लिए आवंटन अब तक का सर्वाधिक 48.000 करोड़ रूपये होगा |
  6. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) सडको के निर्माण की गति 2016-17 में बढ़कर 133 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है जबकि 2011-14 के दौरान यह औसतन 73 किलोमीटर थी |
  7. सरकार ने नक्सलवाद प्रभावित ब्लाको में 100 व्यक्तियों से अधिक की आबादी वाले निवासो को पीएमजीएसवाई के अंतर्गत जोड़ने का कार्य आरम्भ किया है | ऐसे सभी निवासो को 2019 तक कवर किये जाने की सम्भावना है और 2017-18 में राज्य के हिस्से सहित पीएमजीएसवाई के लिए आवंटन 27,000 करोड़ रूपये है |
  8. प्रधानमन्त्री आवास योजना – ग्रामीण के लिए आवंटन को बजट अनुमान 2016-17 के 15,000 करोड़ रूपये से बढ़ाकर 2017-18 में 23,000 करोड़ रूपये कर दिया है जिसमे बेघर और कच्चे घरो में रह रहे लोगो के लिए 2019 तक  1 करोड़ रूपये मकान पुरे करने का लक्ष्य रखा गया है |
  9. 1 मई 2018 तक 100 प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण के लक्ष्य को हासिल करने के मार्ग पर हम निरंतर अग्रसर है |
  10. प्रधानमन्त्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और ऋण समर्थन स्कीमो के लिए आवंटन तीन गुणा बढ़ा दिया गया है |
  11. ग्रामीण भारत में स्वछता कवरेज अक्टूबर 2014 की 42 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है | खुले में शौच जाने से मुक्त गाँवों को अब पाइप युक्त जलापूर्ति के लिए प्राथमिकता दी जा रही है |
  12. राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (एनआरडीडब्ल्यूपी) के उपमिशन के हिस्से के रूप में, अगले चार वर्षो में आर्सनिक और फ्लोराइड प्रभावित 28000 से अधिक निवासो को सुरक्षित पेयजल प्रदान करने का प्रस्ताव करने का प्रस्ताव है |
  13. ग्रामीण क्षेत्रो में लोगो में नये कौशल विकशित करने के लिए 2022 तक 5 लाख व्यक्तियों को राजगिरी प्रक्षिशण दिया जाएगा |
  14. पंचायती राज संस्थानों में “ मानव संसाधन विकास के लिए परिणामो” के लिए मानव संसाधन सुधार नामक कार्यक्रम 2017-2018 के दौरान प्रारंभ किया जाएगा |
  15. ग्रामीण, कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रो के लिए कुल आवंटन 187223 करोड़ रूपये है |

युवा वर्ग के लिए भारतीय बजट 2017 – 2018 में क्या मिला ?

युवा वर्ग के लिए भारतीय बजट 2017 – 2018 में

  1. हमारे स्कूलो में लर्निंग के वार्षिक परिणाम मापना प्रणाली प्रारंभ करना |
  2. सार्वभोमिक पहुँच, लिंग समानता और गुणवत्ता सुधार सुनिश्चित करने के लये स्थानीय नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा हेतु नवाचार निधि शैक्षिक रूप से पिछड़े 3479 जिलो में प्रारंभ की जानी है |
  3. बेहतर प्रशासनिक और शेक्षिक (अकादमी) स्वायत्ता प्राप्त करने के लिए अच्छी गुणवत्ता के उच्चतर शिक्षा संस्थान |
  4. सुचना प्रोधोगिकी प्रदान करते हुए स्वयम (SWAYAM) प्लेटफार्म प्रारंभ किया जाना है, जिसमे कम से कम 350 ऑनलाइन पाठ्यक्रम शामिल है | इससे छात्र सर्वोत्तम संकाय (फेकल्टी) द्वारा पढाये जाने वाले पाठ्यक्रमो में आभासी रूप से उपस्थित होने में सक्षम होंगे |
  5. उच्च शिक्षण संस्थानो ने सभी प्रवेश परिक्षाए आयोजित करने के लिए स्वायत्त और स्व-संपोषित प्रमुख परीक्षा संगठन के रूप में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की स्थपाना करना |
  6. देश भर में 600 से ज्यादा जिलो में प्रधानमंत्री कौशल केन्द्रों का विस्तार किया जाएगा | 100 भारत अंतर्राष्ट्रीय कौशल केंद्र देश भर में स्थापित किये जायेंगे |
  7. 4000 करोड़ रुपये की लागत से आजीविका संवर्धन हेतु कौशल अर्जन और ज्ञान जागरूकता कार्यक्रम (संकल्प) शुरू किया जाएगा | संकल्प 3.5 करोड़ युवाओं को बाजार सांगत प्रक्षिशन प्रदान करेगा |
  8. औधोगिक मूल्यवर्धन हेतु कौशल सुदाधिकरण स्ट्राइव का अगला चरण भी बजट 2017 – 2018 के 2200 करोड़ रूपये खर्च करके शुरू किया जाएगा |
  9. पुरे विश्व में पर्यटन और रोजगार बढाने के लिए अतुल्य भारत 2.0 अभियान शुरू किया जाएगा |

गरीब तथा विशेष सुविधाओं से वंचित वर्ग के लिए बजट 2017 – 2018 में क्या ?

गरीब तथा विशेष सुविधाओं से वंचित वर्ग के लिए बजट 2017 – 2018

  1. 14 लाख आईसीडीएस आंगनवाड़ी केन्द्रों में 500 करोड़ रूपये के आवंटन से महिला शक्ति केंद्र स्थापित किये जायेंगे | यह ग्रामीण महिलाओ के सशक्तिकरण करने के लिए कौशल विकास, रोजगार, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य और पोषाहार के अवसरों के लिए एक स्टाप सामूहिक सहायता सेवाये प्रदान करेगा |
  2. मातृत्व लाभ योजना के अंतर्गत उस प्रत्येक गर्भवती महिला के बैंक खाते में सीधे 6000 रूपये अंतरित कर दिए जायेंगे जो किसी चिकित्सा संस्था में बच्चे को जन्म देगी और अपने बच्चो का टीकाकरण करवाएगी |
  3. सस्ते आवासों को अवसंरचना का दर्जा दिया जाएगा |
  4. गरीब परिवारों को प्राकृतिक आपदाओं से उनके घरो व घरेलु सामानों की हानि की भरपाई के लिए प्रभावी सामजिक सुरक्षा तंत्र की व्यवस्था करने के लिए 1 लाख रूपये के कवर हेतु 100 रुपये के वहनीय वार्षिक प्रीमियम पर प्रधानमन्त्री आपदा बीमा योजना नामक स्कीम शुरू की जाएगी |
  5. राष्ट्रीय आवास बैंक 2017 – 2018  में लगभग 20000 करोड़ रुपये के व्यष्टि आवास ऋणों का पुनर्वित्तपोषण करेगा |
  6. सरकार ने 2017 तक कालाजार और फिलारियासिस, 2018 तक कोढ़, 2020 तक खसरा और 2025 तक तेपेदिक समाप्त करने के लक्ष्य की कार्य योजना भी तैयार की है |
  7. आईएमआर 2014 में 39 से घटाकर 2019 तक 28 और एमएमआर 2011-13 में 167 से घटाकर 2018-2020 तक 100 करने के लिए कार्य योजना बनाई गई है |
  8. द्वितीयक और तृतीयक स्तरों की स्वास्थ्य देखभाल सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरो की समुचित उपलबध्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रति वर्ष अतिरिक्त 5000 स्नातकोत्तर सीटे सृजित करना |
  9. श्रम अनुकूल वातारण को बढ़ावा देने के लिए 4 संहिताओ नामतः
    अ). पारिश्रमिक
    बी). औधोगिक सम्बन्ध
    स). सामजिक सुरक्षा और कल्याण
    द). सुरक्षा और कार्य करने की दशाओं पर मौजूदा कानूनों को सरल,, युक्तिसंगत बनाने और समामेलित करने के उद्देश्य से विधायी सुधार किये जायेंगे |
  10. युक्तिसंगत कीमतों पर औषधियों की उपलबध्ता सुनिश्चित करने और सामान्य औषधियों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए औषधि और सौन्दर्य प्रसाधन (कास्मेटिक्स) नियमावली को संशोधित करने का प्रस्ताव है |
  11. अनुसूचित जातियों के लिए आवंटन को बजट अनुमान 2016-17 की तुलना में 35 प्रतिशत बढ़ाया गया है | अनुसूचित जनजातियो के लिए आवंटन बढाकर 28,155 करोड़ रूपये और अल्पसंख्यक कार्यो के लिए 4,195 करोड़ रूपये कर दिया है |
  12. वरिष्ठ नागरिको के लिए आधार आधारित स्मार्ट कार्ड शुरू किये जायेंगे जिनमें उनके स्वास्थ्य सम्बन्धी ब्योरे निहित होंगे |

अवसंरचना :

बजट 2017 – 2018 में भारतीय अवसंरचना

  1. रेल, सड़के, पोत परिवहन सहित समूचे परिवहन क्षेत्र के लिए केंद्रीय बजट 2017 – 2018 में 2,41,387 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है |
  2. बजट 2017 – 2018 के लिए, रेलवे के कुल पूंजीगत और विकास व्यय को 1,31,000 करोड़ रुपये पर स्थिर रखा गया है | इसमें सरकार द्वारा प्रदत 55,000 करोड़ रुपये शामिल है |
  3. यात्रियों की संरक्षा के लिए, 5 वर्ष की अवधि में 1 लाख करोड़ रूपये की राशि के साथ राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष सृजित किया जाएगा |
  4. ब्रांड गेज लाइनों पर मानवरहित लेवल क्रोस्सिंगो को 2020 तक समाप्त कर दिया जाएगा |
  5. बजट 2017 – 2018 में 3500 किलोमीटर रेलवे लाइन शुरू होगी | स्टेशन विकास के लिए कम से कम 25 स्टेशन दिए जाने की सम्भावना है |
  6. 500 स्टेशनो को लिफ्ट और एस्केलेटर देकर दिव्यन्गजनों के अनुकूल बनाया जाएगा |
  7. मध्यावधि में लगभग 7000 स्टेशनों को सौर उर्जा प्रदान करने का प्रस्ताव है |
  8. एसएमएस आधारित क्लीन माई कोच सेवा शुरू की गई है |
  9. कोचमित्र सभी कोच सम्बन्धी शिकायतों और आवश्यकताओं को दर्ज करने के लिए एकल विंडो इंटरफ़ेस शुरू किया जाएगा |
  10. 2019 तक, भारतीय रेल के सभी कोचों में बायो शौचालय लगाया जाएगा | लागत, सेवा की गुणवत्ता और परिवहन के अन्य रूपों से प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए रेलवे का प्रशुल्क निर्धारित किया जाएगा |
  11. कार्यान्वयन के नवपरिवर्तन मॉडलो और वित्तपोषण हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के मानकीकरण एवं भारतीयकरण पर विशेष ध्यान देते हुए नई मेट्रो रेल नीति की घोषणा की जाएगी |
  12. मौजूदा कानूनों को योक्तित बनाकर नया मेट्रो रेल अधिनियम अधिनियमत किया जाएगा | इसमें निर्माण और प्रचालन में अधिकाधिक भागीदारी और निवेश सुसाध्य होगा |
  13. सड़क सेक्टर में, राजमार्गो के लिए बजट आवंटक 2016-17 में 57,976 करोड़ रूपये से बढ़ाकर बजट 2017 – 2018 में 64,900 करोड़ रूपये किया गया |
  14. तटीय क्षेत्रो की कनेक्टिविटी के लिए निर्माण और विकास हेतु 2000किलोमीटर लम्बी तटीय कनेक्टिविटी सडको को चुना दिया है |
  15. पीएमजीएसवाई (PMGSY) सहित सडको की कुल लम्बाई 2014-15 से मौजूदा वर्ष तक 1,40,000 किलोमीटर है, जो पिछले तीन वर्षो की तुलना में काफी अधिक है |
  16. 2 स्तरीय शहरो में चुनिन्दा हवाई अड्डो को सरकारी निजी भागीदारी में प्रचालन और रख – रखाव के लिए लिया जाएगा |
  17. भारत नेट के अंतर्गत 2017 – 2018 के अंत तक ऑप्टिकल फाइबर पर हाई-स्पीड ब्रॉड बैंड कनेक्टिविटी 1.50.000 से अधिक ग्राम पंचायतो में उपलब्ध होगी | डिजिटल प्रोधोगिकी  के माध्यम से टेलिमीमेडिसिन, शिक्षा और कौशल प्रदान करने के लिए डिजिगाँव पहल शुरू की जाएगी |
  18. और दो स्थानों अर्थात ओडिशा में चंदिखोले और राजस्थान के बीकानेर में स्ट्रेटेजिक कच्चा तेल भंडार स्थापित करने का प्रस्ताव है | इसमें, 15.33 एमएमटी की स्ट्रेटेजिक भंडार क्षमता होगी |
  19. सौर पार्क विकास के दुसरे चरण पर अतिरिक्त 20,000 एमएमटी के लिए कार्य किया जाएगा |
  20. भारत को इलेक्ट्रानिकी विनिर्माण के लिए वैश्विक केंद्र बनाने के लिए इको-पद्धति के सृजन हेतु एम-सिप्स और ईडीएफ जैसी प्रोत्साहन स्कीम में 2017 – 18 में 745 करोड़ रुपये का प्रावधान है |
  21. निर्यात अवसंरचना पर ध्यान केन्द्रित करते हुए एक नई पुनर्संरचित केंद्रीय स्कीम नामतः निर्यात हेतु व्यापार अवसंरचना स्कीम बजट 2017 – 2018 में शुरू की जाएगी |

बजट 2017 – 18  में वित्तीय क्षेत्र के लिए विधेयक/ प्रावधान :

बजट 2017 – 18 में वित्तीय क्षेत्र के लिए विधेयक/ प्रावधान

  1. बजट 2017 – 2018 में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड समाप्त किया जायेगा और एफडीआई नीति को और अधिक उदार बनाने पर विचार किया जा रहा है |
  2. पण्य व्यापार के लिए कृषि क्षेत्र में हाजिर बाजार और व्युत्पन्न बाजार को एकीकृत करने हेतु एक प्रचालनात्मक और क़ानूनी ढांचा बनाने को प्रोत्साहित करने और अध्यन के एक विशेषज्ञ समिति बनाई जाएगी | ई-नाम ढांचे का अभिन्न अंग होगा |
  3. अवैध जमा स्कीम के संकट को कम करने के लिए विधेयक लाया जाएगा | वित्तीय फर्मो के संकल्प से सम्बंधित विधेयक संसद के वर्तमान बजट सत्र में पेश किया जाएगा | यह हमारी वित्तीय प्रणाली की स्थिरता और लचीलेपन में योगदान करेगा |
  4. अवसंरचना से सम्बंधित निर्माण संविदाओ, पीपीपी और सार्वजनिक उपयोगिता के संविदाओ विवादों के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था को दुरुस्त करने हेतु तंत्र मध्यस्था और संराधन अधिनियम, 1996 में संशोधन करने के लिए शुरू किया जायेगा |
  5. भारतीय वित्तीय सेक्टर के लिए कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल बनाया जाएगा |
  6. स्टॉक एक्सचेंजों में सीपीएसई का समयबद्ध सुचियन सुनिश्चित करने के लिए संशोधित तंत्र और प्रक्रिया लाई जाएगी | आईआरसीटीसी, आईआरएफसी और कोंकार जैसे रेलवे के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध किये जायेंगे |
  7. एक समेकित सरकारी क्षेत्र “ऑयल मेजर” के गठन का प्रस्ताव है, जो अंतराराष्ट्रीय और घरेलु निजी क्षेत्र की तेल और गैस कम्पनियों के निष्पादन में तालमेल स्थापित करेगा |
  8. केंद्रीय वित्तीय बजट 2017 – 2018 में विविध सीपीएसआई स्टॉक और अन्य सरकारी होल्डिंग से युक्त एक नये ईटीएफकी शुरआत करना |
  9. “इंद्रधनुष” रोडमैप के अनुरूप, भारतीय बजट 2017 – 2018 में बैंको के पुन:पूंजीकरण के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है |
  10. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 2.44 लाख करोड़ रूपये का ऋण लक्ष्य नियत किये जाने का प्रस्ताव किया गया है | दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी |

केंद्रीय बजट 2017 – 2018 में डिजिटल अर्थव्यवस्था पर जोर :

केंद्रीय बजट 2017 – 2018 में डिजिटल अर्थव्यवस्था पर

  1. अभी तक 125 लाख व्यक्तियों ने भीम एप को अपना लिया है | सरकार भीम की उपयोगिता को बढ़ाने के लिए दो नई योजनाये शुरू करने जा रही है, जिसमे की व्यष्टियो के लिए रेफरल बोनस योजना और व्यापारियों के लिए केशबैक  योजना |
  2. आधार समर्थित भुगतान प्रणाली का व्यापारी संस्करण आधार पे शीघ्र ही शुरू किया जाएगा |
  3. युपिआई, यूएसएसडी, आधार पे, आईएमपीएस और डेबिट कार्डो के माध्यम से बजट 2017 – 2018 में 2500 करोड़ के डिजिटल लेनदेन के लक्ष्य को पूरा करने का मिशन शुरू करना |
  4. निर्धारित सीमा से अधिक डिजिटल साधनों के जरिये सभी सरकारी प्राप्तियो को अधिदेशित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है |
  5. बैंको ने मार्च 2017 तक अतिरिक्त 10 लाख नए पिओएस टर्मिनलो को शुरू करने का लक्ष्य रखा है | उन्हें सितम्बर 2017 तक 20 लाख आधार आधारित पिओएस शुरू करने शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा |
  6. भुगतान और निपटान प्रणालियों के विनियमन एवं पर्यवेक्षण हेतु मौजूदा बोर्ड के स्थान पर भारतीय रिजर्व बैंक में भुगतान विनियामक बोर्ड गठित करने का प्रस्ताव है |

सार्वजनिक सेवा :

सार्वजनिक सेवा

  1. सरकारी ई-बाजार स्थल अब वस्तु एवं सेवाओं की अधिप्राप्ति के लिए कार्य कर रहा है |
  2. मुख्य डाकघरों को पासपोर्ट सेवाये प्रदान करने के लिए अग्रणी कार्यालयों के रूप में प्रयोग में लाना |
  3. एक केंद्रीकृत रक्षा प्रणाली विकसित की गई है जिसके माध्यम से हमारे सैनिक एवं अधिकारी यात्रा टिकटों को ऑनलाइन बुक करा सकेंगे |
  4. रक्षापेंसन भोगियो के लिए वेब आधारित इंटरेक्टिव पेंशन वितरण प्रणाली स्थापित की जाएगी |
  5. न्यायाधिकरणों की संख्या को युक्तिसंगत बनाना तथा जहाँ उपयुक्त हो न्यायाधिकरणों का आपस में विलय करना |
  6. चंपारण और खोर्दा क्रांती दोनों की याद में उचित रूप में समारोहों का आयोजन करना ||

विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन :

विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन

  1. पिछले वर्ष की तुलना में पूंजीगत व्यय हेतु आवंटन में 25.4 प्रतिशत की वृद्धि करना |
  2. राज्यों तथा विधानमंडल वाले संघ राज्य क्षेत्रो को कुल 4.11 लाख करोड़ रूपये के संसाधन अंतरित किये जायेंगे जबकि 2016-2017 के बजट अनुमान में 3.60 लाख करोड़ रूपये अंतरित किये गये थे |
  3. पहली बार अन्य बजट प्रपत्रों के साथ सभी मंत्रालयों और विभागों को कवर करते हुए एक समेकित परिणाम बजट प्रस्तुत किया जा रहा है |
  4. एफआरबीएम समिति ने आगामी तीन वर्षो के लिए 3% राजकोषीय घाटे की सिफारिश की है | संपोषनीय ऋण लक्ष्य और सार्वजनिक निवेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 2017-2018 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलु उत्पाद का 3.2% पर रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा सरकार आगामी वर्ष में 3% आंकड़े को प्राप्त करने के प्रतिबद्ध है |
  5. 2017-2018 में सरकार की निवल बाजार उधार 3.48 लाख करोड़ रूपये तक निर्धारित की गई है जो पिछले वर्ष के 4.25 लाख करोड़ रूपये की तुलना में काफी कम है |
  6. बजट अनुमान 2017-2017 में 2.3 प्रतिशत का राजस्व घाटा हुआ था जो घटाकर संशोधित अनुमान में 2.1% कर दिया है | अगले वर्ष के लिए राजस्व घाटा 1.9% निर्धारित किया गया है जबकि एफआरबीएम अधिनियम के तहत 2 प्रतिशत राजस्व घाटे का लक्ष्य अधिदेशित किया गया था |

बजट 2017 – 2018 में वहनीय मूल्य पर आवास निर्माण तथा रियल सेक्टर को बढ़ावा देना :

बजट 2017 – 2018 में वहनीय मूल्य पर आवास निर्माण तथा रियल सेक्टर को बढ़ावा देना :

  1. 8 नवंबर और 30 दिसंबर 2016 के बीच लगभग 1.09 करोड़ खातो में 2 लाख करोड़ रूपये से 80 लाख रूपये के बीच राशी जमा की गई तथा औसत जमा आमाप 5.03 लाख रपये रही | 1.48 लाख खातो में 80 लाख रूपये से अधिक राशी जमा की गई तथा औसत जमा आमाप 3.31करोड़ रूपये थी |
  2. वहनीय मूल्यों पर आवास निर्माण के प्रोमोटरो के लिए लाभ सम्बद्ध आयकर छूट की योजना के तहत 30 और 60 वर्गमीटर के निर्मित क्षेत्र के बजाय कारपेट क्षेत्र का परिकलन किया जाएगा |
  3. 30 वर्गमीटर की सीमा केवल 4 मेट्रो शहरो की नगरपालिका सीमओं के मामले में लागु होगी जबकि मेट्रो शहरो के परिधीय क्षेत्रो सहित देश के शेष भागो में 60 वर्गमीटर की सीमा लागू होगी |
  4. जिन बिल्डरो के लिए निर्मित भवन व्यापार में लगी पूंजी (स्टॉक-इन-ट्रेड) के समान है, उनके मामले में जिस वर्ष समापन प्रमाणपत्र प्राप्त होता है और उस वर्ष की समाप्ति के एक वर्ष पश्चात ही काल्पनिक किराया आय पर कर लागु होगा |
  5. अचल सम्पति से लाभ पर विचार करते हुए धारण की अवधि 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष किये जाने का प्रस्ताव है | इसके साथ ही, निर्देशन हेतु आधार वर्ष अचल सम्पति सहित सभी श्रेणियों की परिसम्पत्तियो के लिए 1.4.1981 से बदलकर 1.4.2001 किये जाने का प्रस्ताव है |
  6. सम्पति को विकसित करने के लिए हस्ताक्षरित संयुक्त विकास करार के लिए पूंजी लाभ कर का भुगतान करने का दायित्व प्रति लाभ प्राप्त होने वाले वर्ष में उत्पन्न होगा |
  7. दिनांक 2.6.2014 अर्थार्त वह तारीख जिस दिन आन्ध्र प्रदेश राज्य का पुनर्गठन किया गया, को भूमि का स्वामित्वाधिकार धारित करने वाले व्यक्ति, जिसकी भूमि सरकारी योजना के तहत आन्ध्र प्रदेश राज्य के राजधानी शहर का निर्माण करने के लिए प्रयोग में लाई जा रही है उसे पूंजी लाभ कर में छूट देने का प्रस्ताव |

विकास की गति तीव्र बनाने के उपाय :

विकास की गति तीव्र बनाने के लिए बजट 2017 – 2018 में प्रावधान

  1. विदेशी वाणिज्यिक उधार या बांडो अथवा सरकारी प्रतिभूतियो में विदेशी निकायों द्वारा अर्जित ब्याज पर 5% प्रभारित रियायती विदहोल्डिंग दर को 3.06.2020 तक विस्तार दिया गया है | यह लाभ के मूल्यवर्ग  (मसाला) बांडो के लिए भी लागु किये जाने का प्रस्ताव है |
  2. प्रारंभिक (स्टार्ट-अप्स) के सम्बन्ध में हानियों को आने बढाने के उद्देश्य से, मतदान के अधिकारों के 51% की निरंतर धारिता की शर्त में इस शर्त के अध्यधीन राहत दी जाएगी की मूल प्रवर्तक/ प्रवर्तकों की धारिता बनी रहेगी | इसके अतिरिक्त प्रारम्भको के लाभ (कटौती सम्बद्ध) छूट 5 वर्षो में से 3 वर्ष के स्थान पर 7  वर्षो में से 3 वर्षो के लिए उपलब्ध होगी |

विकास की गति तीव्र बनाने के उपाय बजट 2017 – 2018 में

  1. नुन्यतम वैकल्पिक कर (मैट) क्रेडिट वर्तमान में 10 वर्षो के स्थानपर 15 वर्ष की अवधि तक आगे बढ़ाने की अनुमति जय |
  2. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कम्पनियों को और सशक्त बनाने के लिए, 50 करोड़ रुपये तक के वार्षिक पण्यावर्त वाली कम्पनियों के लिए आय कर घटाकर 25% कर दिया गया है |
  3. बैंको को गैर-निष्पादनकारी परिसम्पत्तियो हेतु अनुज्ञेय प्रावधान को 7.5% से बढ़ाकर 8.5 प्रतिशत करना सभी गैर-अनुसूचित बैंको के एनपीए खातो के संबंध में प्रोद्भूत आधार के बजाय वास्तविक  प्राप्ति पर प्राप्त ब्याज पर अनुसूचित बैंको के समान ही कर लगाया जाना |
  4. एलएनजी पर बुनियादी सीमाशुल्क को 5% से घटाकर 2.5% करना |

डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना :

बजट 2017 – 2018 में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

  1. छोटे और माध्यम करदाताओ, जिनका मौजूदा पण्यावर्त 2 लाख करोड़ रूपये तक है, इनकी अनुमानित आय के रूप में गणना किये जाने वाले उनके 8% पण्यावर्त को नकदी-भिन्न साधनों द्वारा पण्यावर्त के संबंध में घटाकर 6% कर दिया है |
  2. 3 लाख रूपये से अधिक के किसी भी का लेनदेन नकदी में करने की अनुमति नही होगी |
  3. एमपीआऍस के लिए मिनिएचराइज़ड पीआएस कार्ड रीडर, माइक्रो एटीऍम स्टैण्डर्ड वर्जन 1.5.1, फिंगर प्रिंट रीडर/स्कैनर और आईरिस स्कैनर तथा कलपुर्जे और इस प्रकार के उपकरणों हेतु कलपुर्जो को बिसिडी/उत्पाद शुल्क/सीवी शुल्क और एसएडी से छूट |

चुनावी निधिपोषण में पारदर्शिता :

बजट 2017 – 2018 में चुनावी निधिपोषण में पारदर्शिता

  1. भारत में राजनितिक निधिपोषण प्रणाली को दुरुस्त किये जाने की आवश्यकता है |
  2. एक राजनितिक पार्टी एक व्यक्ति से नकद चंदे के रूप में अधिकतम 2000 रूपये की राशि प्राप्त कर सकती है |
  3. राजनितिक पार्टीया अपने दातो से चेक या डिजिटल माध्यम से चंदा प्राप्त करने के लिए पात्र होंगी |
  4. भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में संशोधन करना की भारत सरकार द्वारा इस सम्बंद में किसी योजना का अनुसार चुनावी बांड जारी किये जा सके |
  5. प्रत्येक राजनितिक पार्टी को आय कर अधिनियम के उपबंधो के अनुपालन में निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी विवरणी प्रस्तुत करनी होगी |
  6. राजनितिक पार्टियों को आय कर के भुगतान से मौजूदा छूट केवल इन शर्तो को पूरा करने के अध्यधीन ही मिलेगी |

ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस :

ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस

  1. घरेलु अंतरण कीमत निर्धारण के कार्य क्षेत्र को सिमित करना की पार्टी लेनदेन से सम्बंधित उद्यमियों में से केवल एक उधमी ही विनिर्दिष्ट लाभ सम्बन्धी कटौती प्राप्त कर सकता है |
  2. व्यावसायिक उद्यमियों की लेखापरीक्षा के लिए प्रारंभिक सीमा 1 करोड़ रुपये से बढाकर 2 करोड़ रूपये करना जो अनुमानित आय का विकल्प चुनते है | इसी प्रकार, व्यष्टियो और हिन्दू अविभाजित परिवारों के लिए लेखो के रखरखाव की प्रारंभिक सीमा 10 लाख टर्नओवर से बढाकर 25 लाख रुपये अथवा 1.2 लाख रुपये आय से 2.5 लाख रूपये तक बढ़ाना |
  3. श्रेणी 1 और 2 के विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक को अप्रत्यक्ष अंतरण उपबंध से छूट देना | भारत में कर प्रभाव निवेश के शोधन या बिक्री के परिणामस्वरूप या इससे उत्पन्न परन्तु भारत से बाहर शेयरों या ब्याज के मामले में अप्रत्यक्ष अंतरण प्रावधान लागु नही होंगे |

बजट 2017 – 2018 में बीमा एजेंटो के कमीशन और व्यवसायियों की आय कर का प्रावधान

  1. व्यष्टि बीमा एजेंटो को देय कमीशन में टीडीएस की आवयश्कता से छूट बशर्ते वे स्व-घोषणा करे की उनकी आय कर योग्य सीमा से कम है |
  2. 50 लाख रुपये प्रति वर्ष आय वाले व्यवसायियों के लिए अनुमानित कराधान स्कीम के अंतर्गत अग्रिम कर का चार किस्तों के स्थान पर एक क़िस्त में भुगतान किया जा सकता है |
  3. संशोधित कर विवरणी के लिए समय सीमा, विवरणी फ़ाइल करने की समयावधि के समान कम करके 12 माह की जा रही है | साथ ही आकलन जांच के पूरा होने की समय सीमा निर्धारण वर्ष 2018-19 के लिए 21 माह से कम करके 12 माह किया जा रहा है |

व्यक्तिगत आय-कर :

बजट 2017 – 2018 में व्यक्तिगत आय-कर का प्रावधान

  1. 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की आय वाले व्यष्टि निर्धारितियो के लिए कराधान की मौजूदा दर को 10% से घटाकर 5% करना |
  2. जिन व्यष्टियो की वार्षिक कर योग्य आय 50 लाख रूपये तक की कर योग्य आय वाले व्यक्तियों के लिए आय कर विवरणी के रूप में एक प्रष्ट का सरल फार्म |
  3. भारत के सभी नागरिको से 5% कर की मामूली अदायगी करके राष्ट्र निर्माण में सहयोग करने की उनसे अपील, यदि उनकी आय छुटो, आदि के लिए 2.5 लाख रुपये तक के प्रस्तावों के न्यूनतम स्लैब के अंतर्गत आती हो |

वस्तु एवं सेवा कर (GST) :

बजट 2017 – 2018 में वस्तु एवं सेवा कर (GST)

  1. वस्तु एव सेवाकर परिषद् ने आयोजित 9 बैठको के आधार पर आम राय से लगभग सभी मुद्दों पर अपनी सिफ़ारिशो को अंतिम रूप प्रदान कर दिया है |
  2. GST के लिए सुचना प्रोद्योगिकी प्रणाली तैयार करने का कार्य भी अनुसूची में है |
  3. GST हेतु व्यापार और उद्योग के लिए 1 अप्रैल 2017 से गहन संपर्क प्रयास शुरू किये जायेंगे ताकि उन्हें नई कराधान प्रणाली से अवगत कराया जा सके |

रैपिड (राजस्व, जवाबदेही, इमानदारी, सुचना तथा डिजिटाइजेशन :

बजट 2017 – 2018 में रैपिड (राजस्व, जवाबदेही, इमानदारी, सुचना तथा डिजिटाइजेशन

  1. आने वाले वर्ष ई-निर्धारण हेतु अधिकतम प्रयास करना |
  2. कमीशन और विलोपन के विशिष्ठ कार्य के लिए कर विभाग के अधिकारियों की और अधिक जवाबदेही प्रवर्तित करना |

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